बीकानेर। संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीबीएम की व्यवस्थाओं की पोल उस समय खुल गई, जब अस्पताल अधीक्षक कार्यालय सहित अधीक्षक विंग की बिजली अचानक गुल हो गई। हालात ऐसे बन गए कि खुद अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया को मोबाइल की टॉर्च जलाकर काम करना पड़ा। बताया जा रहा
- बिजली कटने के कारण अधीक्षक कार्यालय में अंधेरा छा गया। लगभग आधा घंटे तक बिजली गुल रहने से अधीक्षक कार्यालय और पूरे ब्लाक में आने वाले मरीजों, परिजनों और कर्मचारियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग अंधेरे में मोबाइल की टार्च जलाकर रास्ता तलाशते नजर आए, जबकि जरूरी कामकाज भी प्रभावित हुआ।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस अस्पताल में रोजाना हजारों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, वहां के शीर्ष अधिकारी का कार्यालय ही बिजली संकट से जूझता दिखाई दिया। अधीक्षक का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में काम करते हुए दृश्य अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर बयां कर गया।पीबीएम अस्पताल में इससे पहले भी आए दिन मरीज के परिजनों-डाक्टर के बीच मारपीट बिजली, पानी, उपकरणों की खराबी, जनाना अस्पताल में अव्यवस्थाओं और मरीजों को होने वाली परेशानियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब अस्पताल प्रशासन का प्रमुख का कार्यालय ही अंधेरे में डूबा हो, तो आम मरीजों की समस्याओं पर कितनी प्रभावी निगरानी हो पा रही होगी।