बीकानेर। देशभर में बीकाजी ब्रांड को पहचान दिलाने वाले कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर शिवरतन अग्रवाल (74) का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वे अपनी पत्नी के हार्ट बायपास ऑपरेशन के बाद परिवार सहित चेन्नई में ठहरे हुए थे। गुरुवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, उनकी पत्नी का हाल ही में ऑपरेशन हुआ था और चिकित्सकों ने आराम की सलाह दी थी। इसी कारण शिवरतन अग्रवाल होटल में परिवार के साथ ठहरे हुए थे। सुबह करीब साढ़े सात बजे उन्होंने बेचैनी महसूस की। हालत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
निधन की खबर से उद्योग जगत में शोक, फैक्ट्रियों में काम बंद
शिवरतन अग्रवाल के निधन की सूचना मिलते ही बीकानेर के करणी और बीछवाल इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बीकाजी की फैक्ट्रियों में उत्पादन रोक दिया गया। कंपनी की ओर से दिनभर की सप्लाई भी स्थगित कर दी गई। बीकानेर प्लांट में रोजाना करीब 800 टन उत्पादन होता है, जिसमें 150 टन से ज्यादा भुजिया तैयार की जाती है, जबकि बाकी में मिठाई, चिप्स, पापड़ और बेकरी उत्पाद शामिल हैं।
दिल्ली सहित देशभर में रहने वाले परिजन शाम तक बीकानेर पहुंचेंगे। शुक्रवार सुबह अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।
हल्दीराम से अलग होकर खड़ी की ‘बीकाजी’ की पहचान
खानदानी कारोबार के बंटवारे के बाद शिवरतन अग्रवाल ने अपनी अलग पहचान बनाने का निर्णय लिया। वर्ष 1986 में वे बीकानेर पहुंचे और ‘शिवदीप फूड्स प्रोडक्ट्स’ के नाम से भुजिया बनाने का छोटा कारोबार शुरू किया। बाद में 1993 में ‘बीकाजी’ ब्रांड की शुरुआत की, जो धीरे-धीरे देश के बड़े स्नैक ब्रांड्स में शामिल हो गया।
छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारोबार आज बड़े फूड नेटवर्क में बदल चुका है और बीकानेर की भुजिया को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने में शिवरतन अग्रवाल की अहम भूमिका रही।