बीकानेर। पीबीएम अस्पताल के जनाना अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद दो और प्रसूताओं की मौत हो जाने से मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। इन दोनों मामलों के साथ ही वर्ष 2026 में पीबीएम में प्रसूता मृत्यु का आंकड़ा करीब 18 तक पहुंच गया है। हाल ही में एक अन्य प्रसूता की मौत के मामले को लेकर भी अस्पताल चर्चा में रहा था।जानकारी के अनुसार नागौर निवासी इमरती देवी को प्रसव पीड़ा होने पर 4 अगस्त को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 5 अगस्त की रात सिजेरियन ऑपरेशन से उसकी डिलीवरी कराई गई। ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसे मेडिसिन आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा। उपचार के दौरान गुरुवार रात उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर मृत्यु का कारण हार्ट फेलियर माना जा रहा है।इसके अलावा चूरू निवासी संतोष देवी ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार संतोष की 29 जुलाई को चूरू में सिजेरियन डिलीवरी हुई थी, जिसके बाद उसकी तबीयत लगातार खराब बनी हुई थी। उसे कार्डियक अरेस्ट आने के बाद गंभीर हालत में बीकानेर रेफर किया गया था। बुधवार सुबह पीबीएम पहुंचने के बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।