बीकानेर। कृषि उपज मंडी में जिंसों की सरकारी खरीद की सुस्त रफ्तार को लेकर बुधवार को किसानों और व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने मंडी का मुख्य गेट बंद कर विरोध जताया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि 13 अप्रैल से सरकारी खरीद शुरू होने के बावजूद अब तक महज 21 हजार कट्टों की ही खरीद हो सकी है। इनमें से भी केवल 12 हजार कट्टों का उठाव हुआ है, जिससे मंडी में बड़ी मात्रा में धान पड़ा हुआ है। किसानों का कहना है कि सरकार ने 10 लाख कट्टों के टोकन जारी किए हैं, लेकिन मंडी प्रशासन को सिर्फ 72 हजार कट्टों की खरीद का लक्ष्य दिया गया है, जिसके कारण प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है।
किसानों के मुताबिक रोजाना करीब 1000 कट्टों की ही तुलाई हो रही है, जिससे अपनी उपज बेचने के इंतजार में किसान परेशान हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर की तर्ज पर बिना टोकन के भी खरीद शुरू की जाए, ताकि मंडी में जमा धान की जल्द निकासी हो सके।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मंडी में पड़े करीब 60 हजार कट्टों की जल्द सरकारी तुलाई शुरू नहीं की गई तो बारिश से होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। किसानों ने मौके पर अधिकारियों को बुलाकर तुरंत समाधान करने की मांग भी की।