बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और किडनी संबंधी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। बुधवार को कांग्रेस नेता रामनिवास कूकना के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पीबीएम अस्पताल पहुंचकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया तथा अस्पताल अधीक्षक का घेराव किया।प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया सहित अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में गहरी नाराजगी जताई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लगातार बदहाल होती जा रही हैं, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।कांग्रेस नेताओं ने प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने की घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाने, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने की मांग की। इस दौरान अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
रामनिवास कूकना ने कहा कि पीबीएम अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि मरीजों को कई आवश्यक सरकारी दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केनुला, इंजेक्शन, गॉज-पट्टी जैसी बुनियादी चिकित्सा सामग्री भी मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रही है। इसके अलावा आईसीयू के एसी खराब पड़े हैं और मरीजों तथा उनके परिजनों को पीने के पानी तक की व्यवस्था स्वयं करनी पड़ रही है।उन्होंने कहा कि अस्पताल की बदहाल व्यवस्था गंभीर चिंता का विषय है और यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करते हुए व्यापक जनआंदोलन खड़ा करेगी।कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार और अस्पताल प्रशासन से पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने की मांग की है।