बीकानेर। राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत का वार्षिक अधिवेशन इस बार संगठनात्मक बैठक कम और सियासी रणभूमि ज्यादा नजर आया। अधिवेशन में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब एक पक्ष पर एकतरफा कार्यवाही करने के आरोप लगे और विरोध कर रहे शिक्षकों ने खुलकर मोर्चा संभाल लिया। मामला इतना गरमा गया कि गुस्साए शिक्षकों ने मंच पर लगे पोस्टर तक फाड़ डाले, जिससे पूरे अधिवेशन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।घटनाक्रम के बाद कई शिक्षकों ने अधिवेशन के बहिष्कार की बात कही। विरोध कर रहे शिक्षकों का आरोप है कि संगठन में संवाद और सहमति की परंपरा को ताक पर रखकर फैसले थोपे गए, जबकि दूसरे पक्ष ने अपने कदमों को संगठन हित में बताया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और कई दौर की वार्ता के बावजूद मामला सुलझ नहीं पाया।
विवाद बढ़ने के बाद असंतुष्ट शिक्षकों ने शिक्षक संघर्ष समिति के नाम से नया मंच बनाकर संगठन के खिलाफ खुली चुनौती दे दी। समिति से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि अब संगठन में पारदर्शिता, जवाबदेही और शिक्षकों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।इस पूरे घटनाक्रम के बाद बीकानेर की शिक्षक राजनीति में भूचाल जैसे हालात बन गए हैं। शिक्षक वर्ग में चर्चा है कि यह विवाद आने वाले दिनों में संगठन के भीतर बड़े बदलाव और नए शक्ति संतुलन की शुरुआत साबित हो सकता है।