बीकानेर। पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के बीच बुधवार को जिला मुख्यालय पर 15 पंचायत समितियों के प्रधान पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। आरक्षण की घोषणा के साथ ही जिले में पंचायत चुनाव की सियासी तस्वीर भी काफी हद तक साफ हो गई है। कई संभावित दावेदारों की उम्मीदों को झटका लगा है तो कई नए चेहरे चुनावी दौड़ में शामिल हो गए हैं।
जिला कलेक्ट्रेट में जिला कलेक्टर निशांत जैन और अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेद सिंह रतनू की मौजूदगी में लॉटरी प्रक्रिया संपन्न हुई। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
लॉटरी के अनुसार जिले की चार पंचायत समितियां अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हुई हैं। इनमें बज्जू खालसा, हदां, छतरगढ़ और रीडी शामिल हैं। बज्जू खालसा और हदां पंचायत समितियों के प्रधान पद एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं।
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए तीन पंचायत समितियां आरक्षित हुई हैं। खाजूवाला और पांचू ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हुए हैं, जबकि पूगल पंचायत समिति ओबीसी महिला वर्ग के खाते में गई है।
इसके अलावा आठ पंचायत समितियां सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुई हैं। इनमें लूणकरणसर, श्रीडूंगरगढ़, जसरासर और बीठनोक सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं, जबकि बीकानेर, कोलायत, नोखा और रूणिया सामान्य अनारक्षित श्रेणी में रखी गई हैं।
आरक्षण की तस्वीर सामने आते ही पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिन क्षेत्रों में आरक्षण बदला है, वहां संभावित उम्मीदवारों और उनके समर्थकों ने नए सिरे से रणनीति बनानी शुरू कर दी है। राजनीतिक दल भी अब आरक्षण के अनुरूप प्रत्याशियों के चयन और स्थानीय समीकरण साधने में जुट गए हैं।