बीकानेर: पंचायतीराज चुनाव से पहले देहात कांग्रेस को झटका,ब्राह्मणों की उपेक्षा का आरोप लगाकर दिया इस्तीफा
बीकानेर। पंचायतीराज चुनावों की सरगर्मियों के बीच बीकानेर देहात कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। देहात कांग्रेस के सचिव मनोज कुमार व्यास और उनकी पत्नी राजकुमारी व्यास ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। राजकुमारी व्यास देहात कांग्रेस की महासचिव, पूर्व देहात महिला कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व जिला परिषद सदस्य रह चुकी हैं। ग्रामीण क्षेत्र में कांग्रेस के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में गिने जाने वाले इस दंपती के इस्तीफे को चुनावी माहौल में पार्टी के लिए झटके के रूप में देखा जा रहा है।मनोज कुमार व्यास ने बताया कि उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को ई-मेल के माध्यम से भेज दिया है। इस्तीफे में उन्होंने पार्टी के भीतर ब्राह्मण समाज की कथित उपेक्षा को फैसले की प्रमुख वजह बताया है। व्यास ने आरोप लगाया कि संगठन में लंबे समय तक काम करने के बावजूद जब टिकट और सम्मान देने की बारी आई तो जातिगत आधार पर निर्णय किए जाने लगे।अपने त्यागपत्र में व्यास ने पार्टी से जुड़ी पुरानी यादों और परिवार के योगदान का उल्लेख करते हुए गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा कि उनके पिता स्वर्गीय शिव कुमार व्यास ने अपने खून-पसीने से ग्रामीण क्षेत्र में कांग्रेस को मजबूत करने का काम किया था। जिस दौर में पार्टी का नाम लेने वाले भी कम थे, उस समय उनके परिवार ने कांग्रेस का झंडा उठाकर संगठन के लिए काम किया। इसके बावजूद उपेक्षा महसूस होने पर उन्होंने दुखी मन से पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया है।मनोज व्यास ने अपने पत्र में भावुक शब्दों में लिखा कि कांग्रेस में लगातार ब्राह्मणों की अनदेखी के कारण काम करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ सभी पदों से त्यागपत्र देने की घोषणा की है।
राजकुमारी व्यास का भी क्षेत्रीय राजनीति में अपना प्रभाव रहा है। वह जिला परिषद के वार्ड संख्या एक से चुनाव लड़कर अपनी पहचान बना चुकी हैं। उनके परिवार का दंतौर क्षेत्र की राजनीति में भी पुराना जुड़ाव रहा है। राजकुमारी व्यास स्वर्गीय शिव कुमार व्यास उर्फ भैया महाराज की पुत्रवधू हैं, जो दंतौर पंचायत समिति के सरपंच, जिला परिषद सदस्य और उपप्रधान जैसे पदों पर रह चुके थे।