बीकानेर। खेत में बनी पानी की डिग्गी सोमवार शाम तीन बच्चों की जिंदगी निगल गई। पहले दो मासूम खेलते-खेलते पानी में डूबने लगे। उन्हें बचाने के लिए एक किशोर बिना अपनी जान की परवाह किए डिग्गी में कूद पड़ा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। बचाव की यह कोशिश भी नाकाम रही और देखते ही देखते तीनों बच्चे पानी में समा गए। कुछ ही मिनटों में खेत में खुशियों की जगह चीख-पुकार और मातम ने ले ली।
दर्दनाक हादसा देशनोक थाना क्षेत्र के ओरण परिक्रमा रोड स्थित एक खेत में सोमवार देर शाम हुआ। मृतकों की पहचान कृष (7), कार्तिक (4) और पंकज (17) के रूप में हुई है। तीनों हरियाणा के हिसार जिले की आदमपुर तहसील के निवासी थे और अपने परिवार के साथ पिछले करीब दस दिनों से देशनोक क्षेत्र में नरमा चुगाई के कार्य के लिए आए हुए थे।परिजनों के अनुसार शाम को बच्चे आसपास दिखाई नहीं दिए तो उनकी तलाश शुरू की गई। खोजबीन के दौरान खेत में बनी डिग्गी के पास पहुंचने पर पता चला कि कृष और कार्तिक पानी में डूब रहे थे। उन्हें बचाने के लिए पंकज तत्काल डिग्गी में उतर गया, लेकिन गहराई और पानी के कारण वह भी खुद को नहीं बचा सका। कुछ ही देर में तीनों बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तथा बच्चों को तुरंत देशनोक सीएचसी ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया।हादसे के बाद देशनोक सीएचसी का माहौल बेहद गमगीन हो गया। अपने बच्चों के शवों से लिपटकर रोते-बिलखते परिजनों की चीखें सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। एक साथ तीन बच्चों की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।रोजगार की तलाश में हरियाणा से बीकानेर आए इस परिवार के किसी सदस्य ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि नरमा चुगाई के लिए शुरू हुआ यह सफर इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा। एक पल में तीन जिंदगियां बुझ गईं और पीछे छोड़ गईं सिर्फ आंसू, सन्नाटा और कभी न भरने वाला दर्द।