बीकानेर। उद्योगपति एवं बीकाजी समूह के सीएमडी शिवरत्न अग्रवाल के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीकानेर दौरे के दौरान भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में है, लेकिन पूरा आक्रमण विपक्ष पर हो रहा है। राजस्थान में उल्टी गंगा बह रही है।
गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष सरकार की कमियां बताता है, लेकिन यहां सरकार ही विपक्ष पर हमलावर है। उन्होंने रिफाइनरी मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि वर्ष 2013 में उनकी सरकार ने एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी परियोजना शुरू करवाई थी और कंपनी का गठन भी हो गया था। इसके बावजूद भाजपा को रिफाइनरी की एबीसीडी तक मालूम नहीं है।उन्होंने कहा कि रिफाइनरी क्षेत्र में रीको के माध्यम से प्लास्टिक आधारित उद्योग स्थापित कर युवाओं को रोजगार देने की योजना थी, लेकिन वहां अब तक सड़क, बिजली और बुनियादी सुविधाएं विकसित नहीं हो पाई हैं। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार को सहयोग देने के लिए तैयार है। हमें बुलाकर बात करें, विशेषज्ञों को बुलाएं, पूर्व मंत्री शांति धारीवाल जैसे अनुभवी लोगों का सुझाव लें, हम अनुभव साझा करना चाहते हैं, लेकिन सरकार सुनना ही नहीं चाहती। पूर्व मुख्यमंत्री ने पुराने राजनीतिक दौर का जिक्र करते हुए भैरों सिंह शेखावत के समय की राजनीति को याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय मतभेद के बावजूद संवाद बना रहता था और नेता एक-दूसरे के घर जाते थे, लेकिन आज “नौसिखिए” नेता बिना तथ्यों के बयान देते हैं, जिससे लोग उन पर हंसते हैं।कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सराहना करते हुए गहलोत ने उन्हें निर्भीक, ईमानदार बताया और कहा कि वे एससी, एसटी, ओबीसी, गरीब और ईडब्ल्यूएस वर्गों के मुद्दों को मजबूती से उठा रहे हैं। महिला आरक्षण और परिसीमन पर उन्होंने कहा कि भाजपा की मंशा उजागर हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 850 सीटों का एकतरफा परिसीमन खतरनाक साबित होता, जिसे कांग्रेस और विपक्ष ने मिलकर रोक दिया, अन्यथा देश के लिए स्थिति गंभीर हो सकती थी।