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बीकानेर:डिलीवरी के बाद चौथी प्रसूता मौत से बढ़ा आक्रोश, पीबीएम प्रशासन पर उठे सवाल

बीकानेर:डिलीवरी के बाद चौथी प्रसूता मौत से बढ़ा आक्रोश, पीबीएम प्रशासन पर उठे सवाल

बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में डिलीवरी के बाद लंबे समय से उपचाराधीन प्रसूता कमला की मंगलवार को मौत हो जाने के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। मौत की सूचना मिलते ही परिजन और समाज के लोग आक्रोशित हो उठे तथा मॉर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती और कमला को न्याय नहीं मिलता, तब तक वे शव नहीं उठाएंगे।युवा नेता रामनिवास कूकणा की अगुवाई में शुरू हुए धरने में परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने उपचार के दौरान उन्हें मरीज की वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराया। मृतका के पति मेघराज ने आरोप लगाया कि कमला पिछले एक महीने से आईसीयू में भर्ती थी और उसकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। कुछ दिन पहले उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था तथा ट्रेकियोस्टोमी भी की गई थी। मंगलवार को उसके गले से अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा, जिसके बाद उसे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि ऑपरेशन थिएटर में क्या प्रक्रिया की जा रही है। करीब एक घंटे बाद कमला को वापस आईसीयू लाया गया और शाम को उसकी मौत की सूचना दे दी गई।मौत के बाद अस्पताल में हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मॉर्चरी में शिफ्ट कराया। इस कार्रवाई को लेकर भी परिजनों ने नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी सहमति के बिना शव को मॉर्चरी पहुंचाया और अंतिम बार कमला का चेहरा देखने तक का अवसर नहीं दिया। इसी नाराजगी के चलते परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया और मॉर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।वहीं अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया के अनुसार कमला पहले से टाइप-1 डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थी और उसकी स्वास्थ्य स्थिति काफी जटिल थी। डिलीवरी के बाद वह मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम की चपेट में आ गई थी। उसके उपचार के लिए एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी लगातार परामर्श लिया जा रहा था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार को कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट आने से उसकी मौत हो गई।कमला की मौत ने एक बार फिर पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की लगातार हो रही मौतों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक महीने में सिजेरियन डिलीवरी के बाद जटिलताओं के चलते यह चौथी प्रसूता की मौत है। इससे पहले भी तीन महिलाओं की जान जा चुकी है। प्रदेशभर में ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं और संक्रमण नियंत्रण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल परिजन न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं और मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन तथा पुलिस के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।

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