बीकानेर। जिले में खेतों में बनी खुली डिग्गियां लगातार हादसों का कारण बन रही हैं। ताजा मामला नाल थाना क्षेत्र के बच्छासर गांव का है, जहां डिग्गी में डूबने से पिता-पुत्री की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर खेतों में सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर कर दिया है।जानकारी के अनुसार कपूरीसर निवासी गोरखाराम मेघवाल अपनी 22 वर्षीय पुत्री सुशीला के साथ बच्छासर में रहकर खेती का कार्य करता था। बताया जा रहा है कि गोरखाराम अपने ससुर परमेश्वर राम की जमीन हिस्से में लेकर काश्त कर रहा था। खेत में बनी डिग्गी पर पानी भरने गई सुशीला का अचानक पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरी। पुत्री को बचाने के प्रयास में गोरखाराम भी डिग्गी में उतर गया, लेकिन दोनों की डूबने से मौत हो गई।घटना की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से दोनों के शव बाहर निकलवाए गए। नाल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
गौरतलब है कि बीकानेर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में खेतों में बनी खुली डिग्गियों में डूबने के कई हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं। कई बार बच्चे, महिलाएं और पशु भी इन डिग्गियों का शिकार हो चुके हैं। बावजूद इसके सुरक्षा दीवार, जालियां या चेतावनी बोर्ड लगाने को लेकर गंभीर पहल नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से डिग्गियों के आसपास सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य करने की मांग की है।