बीकानेर। नगर निगम चुनाव में अभी भाजपा और कांग्रेस ने अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है, लेकिन दावेदारों ने इंतजार करने के बजाय मैदान में उतरना शुरू कर दिया है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही कई नेताओं और दावेदारों ने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन कर यह संदेश दे दिया है कि टिकट मिले या नहीं, उनकी दावेदारी कमजोर नहीं है।
बीकानेर की राजनीति में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा टिकटों की है। पार्टी सिंबल अभी दूर है, लेकिन नामांकन केंद्रों पर जुटी भीड़ बता रही है कि चुनावी बिसात बिछ चुकी है। कहीं नेता अपनी पत्नी को मैदान में उतारकर राजनीतिक पकड़ दिखा रहे हैं तो कहीं पार्टी पदाधिकारी खुद चुनावी अखाड़े में कूद गए हैं।भाजपा के वरिष्ठ नेता मोहन सुराणा ने वार्ड 28 से अपनी पत्नी मधु देवी सुराणा का नामांकन दाखिल कराया, वहीं भाजपा पदाधिकारी गोपाल अग्रवाल ने वार्ड 62 से स्वयं पर्चा भरकर अपनी दावेदारी का दम दिखाया। दोनों का कहना है कि उन्हें पार्टी स्तर पर चुनाव लड़ने के संकेत मिले हैं।उधर कांग्रेस खेमे में भी हलचल कम नहीं है। वार्ड 1 से चंद्रकला ने कांग्रेस की ओर से नामांकन दाखिल किया है। वहीं आरएलपी ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए वार्ड 1 से मेहरू निशा, वार्ड 23 से सरोज देवी और वार्ड 69 से ममता सांसी को मैदान में उतार दिया है।राजनीतिक गलियारों में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि टिकट वितरण के बाद इनमें से कितने चेहरे पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार बन पाएंगे। क्योंकि निगम चुनाव में पहली लड़ाई वोटों की नहीं, टिकट की मानी जाती है। नामांकन के जरिए दावेदारों ने अपने समर्थकों की ताकत, संगठन में पकड़ और राजनीतिक प्रभाव का प्रदर्शन शुरू कर दिया है।अब निगाहें भाजपा और कांग्रेस की सूची पर टिकी हैं। सूची आते ही कई दावेदारों के चेहरे खिलेंगे तो कुछ की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। फिलहाल बीकानेर में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म है, दावेदार मैदान में हैं और सियासी शतरंज की अगली चाल का इंतजार किया जा रहा है। टिकट की इस जंग के बाद ही तय होगा कि 80 वार्डों की असली लड़ाई में कौन किसके सामने होगा।