बीकानेर। नगर निगम चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करने के बाद कांग्रेस ने अगली राजनीतिक चुनौती पर फोकस कर दिया है। नतीजों के तुरंत बाद पार्टी ने अपने विजयी पार्षदों की बाड़ेबंदी कर एकजुटता का प्रदर्शन किया। सभी पार्षदों ने सामूहिक तस्वीर खिंचवाकर स्पष्ट संदेश दिया कि कांग्रेस अपने बहुमत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त और संगठित है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो पार्टी अपने निर्वाचित पार्षदों को बीकानेर से बाहर ले जाने की तैयारी में है। इसके पीछे भाजपा द्वारा जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त की आशंका को कांग्रेस प्रमुख कारण बता रही है। इसी बीच अब नगर निगम की सबसे महत्वपूर्ण कुर्सी—मेयर पद—को लेकर पार्टी में मंथन का दौर शुरू हो गया है।
पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने परिणाम आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से बातचीत की। दोनों नेताओं ने बीकानेर में कांग्रेस की जीत पर बधाई देते हुए संगठन की रणनीति की सराहना की।कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने बाड़ेबंदी को भाजपा की राजनीतिक कार्यशैली का परिणाम बताते हुए कहा कि सत्ता और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग की आशंका के चलते यह कदम उठाना पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और सभी पार्षद पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं।अब सबसे बड़ा सवाल मेयर पद को लेकर है। बहुमत मिलने के बावजूद कांग्रेस अभी किसी नाम पर खुलकर सामने नहीं आ रही। पार्टी सूत्रों का कहना है कि स्थानीय नेताओं की राय और राजनीतिक समीकरणों पर विचार के बाद अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगा।नगर निगम की सत्ता में वापसी के साथ कांग्रेस के सामने अब केवल एक चुनौती बची है कि कैसे बहुमत को मेयर की कुर्सी तक सुरक्षित पहुंचाना।
*बाइट मदन गोपाल मेघवाल जिलाध्यक्ष शहर कांग्रेस।*