बीकानेर। चुनावी मौसम में टिकट को लेकर नाराजगी, बगावत और आरोप-प्रत्यारोप तो आम हैं, लेकिन बीकानेर कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट से अब सिंबल चोरी तक पहुंच गया है। वार्ड-50 में कांग्रेस के टिकट और चुनाव चिन्ह को लेकर ऐसा घमासान मचा है कि मामला सीधे पुलिस थाने पहुंच गया और तीन कांग्रेस नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज हो गई।
पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा ने आरोप लगाया कि उनके बेटे मोहित अरोड़ा को वार्ड-50 से कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया था। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से जारी सूची में मोहित का नाम और उनके पक्ष में चुनाव चिन्ह भी दर्ज था। आरोप है कि बाद में इसी सूची और सिंबल में कथित तौर पर हेरफेर कर दी गई।दीपक अरोड़ा की रिपोर्ट पर सदर थाना पुलिस ने कांग्रेस शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग और वार्ड-50 प्रत्याशी नवरत्न डागा के खिलाफ BNS की धारा 318, 336, 340 और 61(1) के तहत मामला दर्ज किया है।सदर सीआई रमेश कुमार के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पड़ताल कर रही है कि प्रदेश कांग्रेस से जारी सूची में आखिर क्या था, चुनाव चिन्ह किसके नाम से जारी हुआ और बाद में इसमें कोई हेरफेर हुई या नहीं। वहीं इस विवाद को लेकर मदन गोपाल मेघवाल ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अपने कुकृत्यों को छिपाने के लिए एक षड्यंत्र के तहत मेरे विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया। अभी मैंने एफआईआर देखी नहीं है । ये सारी बातें इन्हें कौन बता रहा है। निकाय चुनाव के बीच सामने आया यह विवाद अब केवल एक वार्ड का मामला नहीं रह गया है, बल्कि कांग्रेस की अंदरूनी कलह का सबसे बड़ा उदाहरण बन गया है।ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कांग्रेस का हाथ किसके साथ था और किसके हाथ से फिसल गया?