बीकानेर। सरकारी शिक्षक बनने का सपना आंखों में संजोए एक महिला अभ्यर्थी रविवार को परीक्षा केंद्र तक तो पहुंच गई, लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की वरिष्ठ शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान बीजेएस रामपुरिया कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र पर ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला जिसने वहां मौजूद लोगों को भी कुछ पल के लिए ठहरने पर मजबूर कर दिया।
रामपुरा बस्ती निवासी एक विवाहित अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने से महज तीन मिनट देरी से केंद्र पहुंची। जब तक वह दौड़ते हुए गेट तक पहुंची, तब तक प्रवेश द्वार बंद हो चुका था। गेट बंद देखकर उसके चेहरे का रंग उड़ गया और अगले ही पल उसकी आंखों से आंसू बहने लगे। वह कॉलेज के मुख्य द्वार के बाहर बैठ गई और सुरक्षाकर्मियों तथा परीक्षा स्टाफ से हाथ जोड़कर अंदर जाने की गुहार लगाने लगी।करीब एक-दो मिनट तक वह लगातार कहती रही कि उसे परीक्षा देने दिया जाए, लेकिन आयोग के सख्त नियमों के चलते किसी ने भी उसे प्रवेश की अनुमति नहीं दी। आखिरकार भारी मन और नम आंखों के साथ उसे वापस लौटना पड़ा। वहां मौजूद अन्य अभ्यर्थी और परिजन भी यह दृश्य देखकर भावुक नजर आए।इसी केंद्र पर एक और अभ्यर्थी की छोटी सी भूल उसके लिए बड़ी परेशानी बन गई। दुर्गा साध (परिवर्तित नाम) परीक्षा देने तो पहुंच गई, लेकिन अपना फोटो साथ लाना भूल गई। जांच के दौरान दस्तावेज अधूरे पाए जाने पर उसे प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया गया। परिजनों को फोटो लाने के लिए सूचना दी गई, लेकिन तय समय तक फोटो नहीं पहुंच पाया और उसका भी परीक्षा में बैठने का सपना अधूरा रह गया।इतना ही नहीं, दो अन्य महिला अभ्यर्थी भी निर्धारित समय के बाद केंद्र पहुंचीं। नियमों की सख्ती के कारण उन्हें भी प्रवेश नहीं मिल सका।एक तरफ हजारों अभ्यर्थी परीक्षा हॉल में प्रश्नों के उत्तर लिख रहे थे, तो दूसरी तरफ परीक्षा केंद्र के बाहर कुछ सपने समय की सुइयों से हारते नजर आए। किसी की तीन मिनट की देरी भारी पड़ गई तो कोई एक फोटो की कमी के कारण परीक्षा से वंचित रह गया।जिले में वरिष्ठ शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए 10,992 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा के लिए 37 केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर विशेष इंतजाम किए गए।