बीकानेर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार पीबीएम अस्पताल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। हाल के दिनों में अस्पताल में हुई मौतों और विवादों के बीच अब सिजेरियन डिलीवरी के बाद गंभीर हुई प्रसूता लाली की मौत ने नया बवाल खड़ा कर दिया है। इससे पहले उसके नवजात शिशु की भी मौत हो चुकी थी। एक ही परिवार में मां और बच्चे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार 3 जुलाई को जनाना अस्पताल में लाली की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने से उसकी हालत बिगड़ गई। उसे ट्रॉमा आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर पर रखा गया। उपचार के दौरान कार्डियक अरेस्ट आने पर डॉक्टरों ने सीपीआर देकर जान बचाने का प्रयास किया, लेकिन रविवार देर रात उसने दम तोड़ दिया।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से पीबीएम अस्पताल लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। कभी उपचार में लापरवाही के आरोप, कभी अव्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें और अब प्रसूता व नवजात की मौत ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में परिजन और समाज के लोग जमा हो गए तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे।
सूचना मिलते ही कांग्रेसी नेता रामनिवास कूकना भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को प्रशासन के समक्ष उठाया जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की जाएगी।
उधर, इसी प्रकरण से जुड़ी अन्य महिलाओं में मेडिसिन आईसीयू में भर्ती कमला की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि इमारती को बेहतर उपचार के लिए जोधपुर एम्स रेफर किया गया है।
मां और नवजात की मौत के बाद पीबीएम अस्पताल में एक बार फिर जवाबदेही और चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर बहस तेज हो गई है। परिजन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।