बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में प्रसूता शारदा नायक की मौत के बाद चल रहे विवाद ने मंगलवार को उस समय नाटकीय मोड़ ले लिया, जब मोर्चरी के बाहर मृतका के पति मुकेश नायक ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। हालांकि सतर्कता दिखाते हुए आसपास खड़े लोगों ने समय रहते उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली और बड़ा हादसा टल गया।
मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस की ओर से उस पर पोस्टमार्टम के लिए सहमति देने का दबाव बनाया जा रहा है। उसका कहना है कि उसके माता-पिता को पुलिस अपने साथ ले गई और उससे जबरन हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की गई। उसने कुछ अधिकारियों पर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया।
उधर, घटना के बाद मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस अधिकारियों ने मुकेश को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को शांत कराया। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने आरोप लगाया कि परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है ताकि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करवाई जा सके।
वहीं दूसरी ओर, परिवार के ही सदस्य राजेश नायक ने अलग पक्ष रखते हुए कहा कि नवजात शिशु की तबीयत खराब होने के कारण उसका इलाज प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसी प्रकार का दबाव नहीं बना रहा, बल्कि परिवार के बुजुर्गों की सहमति और आग्रह पर आवश्यक सहयोग कर रहा है।गौरतलब है कि पीबीएम अस्पताल में भर्ती प्रसूता शारदा नायक की 21 जून को मौत हो गई थी। इससे पहले 18 जून को प्रीति नायक नामक दूसरी प्रसूता की भी मौत हुई थी। प्रीति के परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को सूरतगढ़ ले जाकर अंतिम संस्कार कर चुके हैं, जबकि शारदा का शव तीन दिन बाद भी मोर्चरी में रखा हुआ है। परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं और इसी कारण मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।