बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में प्रसूता शारदा की मौत के मामले में परिजनों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के तीसरे दिन भी परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने थालियां और कटोरे बजाकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई तथा मृतका के परिवार के लिए आर्थिक सहायता और बच्चों के भरण-पोषण की व्यवस्था करने की मांग उठाई।
कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रास्ते में रोकने का प्रयास किया, लेकिन परिजन और कांग्रेस नेता वहीं से आगे बढ़ते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और सीढ़ियों पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रसूता की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए बिना और परिवार को न्याय दिलाए बिना वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि मामले में अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि मृतका के बच्चों के भविष्य को देखते हुए परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, पीबीएम अस्पताल में प्रसूता की मौत को लेकर शहर में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है और यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है।