बीकानेर की सियासत में इन दिनों एक वायरल वीडियो ने ऐसा तूफान खड़ा कर दिया है कि कांग्रेस के भीतर ही खींचतान खुलकर सामने आ गई है। पूर्व केबिनेट मंत्री गोविंदराम मेघवाल के कथित वीडियो ने पार्टी के गलियारों में हलचल मचा दी है और अब बयानबाज़ी का दौर तेज हो गया है।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल मीडिया के सामने आए। उन्होंने वीडियो पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के लिए जिस तरह की भाषा इस्तेमाल की गई है, वह न केवल अशोभनीय है बल्कि सामाजिक माहौल को भी बिगाड़ सकती है। उनके अनुसार यह किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा भी हो सकता है, जिसका मकसद कांग्रेस को भीतर से कमजोर करना है।दिलचस्प बात यह रही कि मदनगोपाल ने वीडियो को लेकर सीधे तौर पर कोई निष्कर्ष नहीं दिया, लेकिन शक के कई दरवाजे खोल दिए। उन्होंने कहा कि यह वीडियो पूरी तरह सच भी हो सकता है, पूरी तरह झूठ भी, या फिर आधा-अधूरा सच जिसे तोड़-मरोड़कर पेश किया गया हो। इसी दौरान जब उनसे गोविंदराम के उस बयान पर सवाल किया गया, जिसमें वोटिंग को लेकर दावा किया गया था, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि ऐसी कौन-सी मशीन है जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि किसने किसे वोट दिया वह तो खुद यह भी नहीं जानते कि उनकी पत्नी ने किसे वोट दिया।इधर, बढ़ते विवाद के बीच गोविंदराम मेघवाल ने भी चुप्पी तोड़ी और पूरे मामले को साजिश बताया। उन्होंने साफ कहा कि कुछ लोग उनके और रामेश्वर डूडी परिवार के बीच दरार डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पुराने रिश्तों का हवाला देते हुए कहा कि डूडी से उनके संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं और यहां तक कि बीजेपी से चुनाव लड़ने के दौरान भी उन्हें डूडी का सहयोग मिला था।अब यह मामला सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि कांग्रेस के अंदर पनप रही गुटबाजी को भी उजागर कर रहा है। अगर जल्द ही वीडियो की सच्चाई सामने नहीं आई, तो यह विवाद पार्टी के लिए बड़ा सियासी नुकसान साबित हो सकता है।