बीकानेर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित एपस्टिन फाइल विवाद को लेकर अब राजस्थान की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। बायतू विधायक हरीश चौधरी सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर बीकानेर पहुंचे। वे यहां खेजड़ी बचाओ महापड़ाव में शामिल होने आए थे।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में हरीश चौधरी ने एपस्टिन फाइल में राजस्थान सरकार के एक मंत्री से जुड़े वायरल ईमेल का हवाला देते हुए इशारों-इशारों में मंत्री पर निशाना साधा और नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की।
हरीश चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब लालकृष्ण आडवाणी पर आरोप लगे थे, तब उन्होंने नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में जांच में निर्दोष साबित होने पर वे दोबारा सदन में लौटे थे।उन्होंने कहा कि एपस्टिन फाइल विवाद में राजस्थान के संबंधित नेता को भी यही परंपरा निभानी चाहिए और पद छोड़कर मिसाल पेश करनी चाहिए।
*वायरल ईमेल का हवाला देकर उठाए सवाल*
विधायक चौधरी ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर एक ईमेल वायरल हो रहा है, जिसमें राजस्थान से जुड़े एक मंत्री का नाम सामने आने की चर्चाएं हो रही हैं। इसी को लेकर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी नेता पर गंभीर आरोप लगते हैं तो उसे पद पर बने रहना उचित नहीं है। निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित व्यक्ति को स्वयं पद छोड़ देना चाहिए।
*बजट को लेकर भी कसा तंज*
प्रदेश में आगामी बजट को लेकर पूछे गए सवाल पर हरीश चौधरी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि हो सकता है नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देकर राजस्थान का बजट किसी और को बनाना पड़ जाए।बहरहाल, इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है।