बीकानेर। जिले में यूरिया की लगातार बढ़ती मांग के बीच आपूर्ति कम होने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वितरण केंद्रों और गोदामों में जैसे ही यूरिया की खेप पहुंचने की सूचना मिलती है, वहां किसानों की भीड़ उमड़ पड़ती है। लेकिन मांग के अनुपात में पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से अधिकांश किसानों को सीमित मात्रा में ही यूरिया मिल पा रहा है।
बीकानेर कच्ची आढ़त मंडी के सामने स्थित सहकारी समिति की एक दुकान पर सोमवार सुबह से ही यूरिया लेने किसानों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। स्थिति यह रही कि प्रत्येक किसान को अधिकतम चार बैग यूरिया ही दिया गया, जिससे किसान निराश नजर आए।
श्रीडूंगरगढ़ से यूरिया लेने बीकानेर पहुंचे किसान मदनलाल ने बताया कि उन्हें करीब 40 बैग यूरिया की आवश्यकता है। कल श्रीडूंगरगढ़ में भी लाइन में लगे थे, लेकिन वहां यूरिया नहीं मिला। आज किराए की गाड़ी से बीकानेर आए, यहां भी सिर्फ चार बैग ही मिल पाए, जो बेहद कम हैं।
वहीं श्रीडूंगरगढ़ के बेणीसर गांव से आए किसान रेवंत राम ने बताया कि तीन ट्यूबवेल पर खेती कर रखी है और करीब 50 बैग यूरिया की जरूरत है, लेकिन चार बैग मिल रहे हैं। खेती-बाड़ी छोड़कर खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं। ऐसे में खेती का काम प्रभावित हो रहा है।
मौके पर यूरिया वितरण की मानिटरिंग कर रहे सहायक कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि वर्तमान में बीकानेर जिले में रिटेलर काउंटरों पर करीब 962 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है। कृषि उपज मंडी में भी दो दुकानों पर यूरिया का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आईपीएल (इंडियन पोटाश लिमिटेड) की ओर से भी आगामी दिनों में यूरिया की आपूर्ति प्राप्त होने की संभावना है, ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जा सके।
फिलहाल सीमित आपूर्ति और बढ़ती मांग के कारण जिले के किसानों की चिंता बढ़ी हुई है और वे जल्द पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।