बीकानेर। खेजड़ी बचाने की मांग को लेकर चल रहे महापड़ाव के बीच आंदोलन ने अब और उग्र रूप ले लिया है। कलेक्ट्रेट के सामने स्थित पब्लिक पार्क में आंदोलनकारियों ने खुद को लोहे की रेलिंग से बांधकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए और माहौल बेहद भावुक हो गया।आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार लगातार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है, इसलिए अब उन्हें ऐसे कठोर कदम उठाने पड़ रहे हैं ताकि प्रशासन और सरकार तक उनकी आवाज पहुंचे।सरकार को जगाने के लिए मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा।श्रीगंगानगर किसान संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष अमरा राम विश्नोई ने कहा कि सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।उन्होंने कहा, गूंगी-बहरी सरकार को जगाने के लिए हमें यह प्रदर्शन करना पड़ रहा है। जब तक हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।प्रधानमंत्री ग्लोबल वार्मिंग का संदेश देते हैं, यहां पेड़ काटे जा रहे।अमर सिंह विश्नोई ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री दुनिया भर में जाकर ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण बचाने का संदेश दे रहे हैं, लेकिन राजस्थान में सोलर परियोजनाओं की आड़ में खेजड़ी जैसे पवित्र और जीवनदायी वृक्षों को काटा जा रहा है।उन्होंने कहा,दुनिया को पर्यावरण का महत्व तब पता भी नहीं था, जब यहां के लोगों ने पेड़ों की रक्षा के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए थे।रेलिंग से बंधे आंदोलनकारियों को देखकर पब्लिक पार्क में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। कई लोगों ने आंदोलनकारियों का समर्थन किया और सरकार से तुरंत खेजड़ी कटाई पर रोक लगाने की मांग की।