बीकानेर। शहर में जर्जर और गड्ढों से भरी सड़कों को लेकर शुक्रवार को पूर्व जिला उपाध्यक्ष डॉ भगवान सिंह मेड़तिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने विभाग के अधिक्षण अभियंता बीकानेर वृत्त ओपी मंडार के कक्ष में धरना देकर सड़क निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की।डॉ मेड़तिया ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार ने बजट 2025-26 में बीकानेर की दोनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए सड़क निर्माण हेतु 15-15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इन स्वीकृतियों के तहत पूर्व विधानसभा में 56 और पश्चिम विधानसभा में 82 सड़कों की अनुशंसा की गई थी, यानी कुल 138 सड़कों पर काम होना था।उन्होंने कहा कि इतने बड़े बजट के बावजूद आज तक केवल 35 सड़कों का ही निर्माण हो पाया है, जबकि 103 सड़कों का कार्य अब तक शुरू तक नहीं हुआ।
डॉ मेड़तिया ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब पुरानी स्वीकृतियों पर काम ही नहीं हुआ तो सरकार ने 2026-27 के बजट में दोनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए 5-5 करोड़ रुपये अतिरिक्त क्यों जारी कर दिए। उन्होंने इसे विभागीय लापरवाही बताते हुए कहा कि अधिकारी जानबूझकर काम को रोककर सरकार की साख को नुकसान पहुंचा रहे हैं।धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि शहर की मुख्य सड़कों के साथ-साथ कॉलोनियों की आंतरिक सड़कें भी बुरी तरह टूट चुकी हैं। जगह-जगह बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों, व्यापारियों और आमजन को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वहीं युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष वेद व्यास ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध पुष्करणा सावा, जिसे ओलंपिक सावा के नाम से जाना जाता है, उससे पहले सड़क सुधार कार्य पूरे होने चाहिए थे। लेकिन इस बार दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह रही कि आयोजन के अंतिम दिन तक सड़कों पर कारपेटिंग का काम चलता रहा, जिससे लोगों को भारी दिक्कत हुई।प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि शहर में लंबित सड़क निर्माण कार्य तुरंत शुरू किए जाएं और गड्ढों से बिगड़ी सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।