बीकानेर। विश्व प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव का आगाज़ जहां रंग-बिरंगे परिधानों और लोक संस्कृति की चमक के साथ हुआ, वहीं पहले ही दिन एक प्रतियोगिता ने पूरे उत्सव पर विवाद की परछाईं डाल दी। धरनीधर मैदान में आयोजित ढोला मरवण प्रतियोगिता में निष्पक्षता पर सवाल उठने के बाद माहौल अचानक गरमा गया और मंच उत्सव से ज्यादा विरोध का अखाड़ा बन गया।प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली प्रतिभागी रेखा गहलोत, प्रमोद , प्रदीप चौहान,आशा चौहान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोजन से पहले स्पष्ट नियम तय किए गए थे, जिनमें केवल केटवॉक की अनुमति थी। लेकिन प्रतियोगिता के दौरान कुछ प्रतिभागियों ने मंच पर नृत्य किया, उन्होंने अपने पार्टनर के गले में हाथ डालकर केटवाक भी की जोकि हमारी राजस्थानी परंपरा के विरुद्ध है। ऐसे में इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों नियमों का पालन नहीं किया। इसके बावजूद नियम तोड़ने वालों को ही विजेता घोषित कर दिया गया।मामला यहीं नहीं थमा। देर रात तक नाराज ये प्रतियोगी आयोजन स्थल पर डटे रहे। प्रतिभागियों का आरोप है कि जिन प्रतिभागियों को नियमों के अनुसार अयोग्य ठहराया जाना चाहिए था, उन्हीं को पुरस्कार थमा दिए गए। इतना ही नहीं, कुछ विजेताओं को परिणाम पहले से पता होने का दावा भी किया गया। विवाद के बीच कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जिनमें प्रतिभागी खुलेआम प्रशासन और जजों पर पक्षपात का आरोप लगाते नजर आ रहे हैं।