बीकानेर पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग को साइबर ठगी से जोड़कर वारदात करने वाली शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है। यह गैंग खासतौर पर बुजुर्गों को निशाना बनाती थी, उनका मोबाइल छीनती और फिर उसी फोन से बैंक खातों से पैसे उड़ा देती थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।कार्रवाई आईजी ओमप्रकाश और जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चक्रवर्ती सिंह और सीओ अनुष्ठा कालिया की निगरानी में टीम सक्रिय रही।सदर थानाधिकारी सुरेंद्र पचार के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज खंगालकर गैंग का भंडाफोड़ किया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वाहिद पुत्र मोहम्मद अमीन और अनीस अहमद कुरैशी के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मोबाइल छीनने के बाद उसमें PhonePe एप डाउनलोड करते थे और पीड़ित के बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे। वारदात के बाद सबूत मिटाने के लिए फोन को तोड़ देते और उसका मदरबोर्ड तक बेच देते थे।पुलिस के अनुसार आरोपी तकनीकी तरीके से ठगी करते थे ताकि आसानी से पकड़ में न आएं। आशंका है कि दोनों कई अन्य वारदातों में भी शामिल रहे हैं। बीकानेर में इस तरह का यह पहला मामला सामने आया है, जिसमें मोबाइल स्नैचिंग के बाद उसी फोन से साइबर ठगी की जा रही थी।
इस कार्रवाई में ASI दीपक यादव, मदन लाल, कांस्टेबल गिरधरदान और मनोज की अहम भूमिका रही। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर अन्य मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।