बीकानेर। एक आरपीएस अधिकारी के खिलाफ दर्ज पुराने मामले को वापस लेने के लिए गैंगस्टर द्वारा परिवादियों को धमकाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम से परिवादी को व्हाट्सऐप कॉल और वॉयस नोट भेजे गए, जिनमें मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाते हुए सीधे-सीधे जान से मारने की चेतावनी दी गई। धमकी सामने आते ही पीड़ित पक्ष में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार यह मामला वर्ष 2015 में दर्ज उस केस से जुड़ा है, जो फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि उक्त आरपीएस अधिकारी ने कोटगेट थानाधिकारी रहते हुए परिवादिया के साथ थाने में मारपीट की थी , जो वर्तमान में अजमेर में डिप्टी पद पर पोस्टेड है, उसके खिलाफ चल रहे इसी केस को वापस लेने के लिए अब खुलेआम गैंगस्टर का नाम लेकर डराने की कोशिश की जा रही है। फोन करने वाले ने खुद को रोहित गोदारा बताते हुए साफ शब्दों में कहा
*केस वापस ले ले, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रह।*
बताया जा रहा है कि कॉल और वॉयस नोट में इस्तेमाल की गई भाषा और लहजा बेहद खौफनाक था। पीड़ित पक्ष का दावा है कि फोन करने वाले की आवाज गैंगस्टर रोहित गोदारा की बताई जा रही आवाज से मेल खाती है। धमकी मिलते ही पीड़ित महिला ने तत्काल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। पहले एसपी और फिर आईजी से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत सौंपी गई, साथ ही स्वयं और परिवार की सुरक्षा की मांग की गई।इस हाई-प्रोफाइल धमकी के सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और नेटवर्क ट्रेल की गहन जांच की जा रही है। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं किसी शातिर तत्व ने गैंगस्टर का नाम इस्तेमाल कर भय फैलाने और दबाव बनाने की साजिश तो नहीं रची।फिलहाल सवाल यह नहीं है कि फोन किसने किया, बल्कि यह है कि कानून के दरवाज़े तक पहुँचे एक मामले में गैंगस्टर का नाम लेकर आखिर किसे और क्यों डराने की कोशिश की जा रही है। यह वाकई अंडरवर्ल्ड की सीधी दखलअंदाजी है या किसी अंदरूनी साजिश का हिस्साइसका खुलासा जांच के बाद ही होगा। लेकिन इतना तय है कि आरपीएस पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने के लिए खौफ का जो तरीका अपनाया गया है, उसने सिस्टम की सुरक्षा और कानून के राज पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।