बीकानेर। जिला परिषद व पंचायत समितियों के वार्डों के परिसीमन एवं पुनर्गठन में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी देहात के जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग के नेतृत्व में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बिश्नोई धर्मशाला से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालते हुए नारेबाजी की गई और प्रशासन के खिलाफ रोष जताया गया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया गया कि परिसीमन प्रक्रिया में पंचायतीराज अधिनियम 1994 के प्रावधानों की अनदेखी की गई। वार्डों के गठन में न तो स्थानीय लोगों से राय ली गई और न ही दर्ज कराई गई आपत्तियों का समाधान किया गया। जनसंख्या अनुपात का संतुलन नहीं रखने से कई वार्डों में मतदाताओं की संख्या अत्यधिक कम और कई में जरूरत से ज्यादा कर दी गई है।
इसके अलावा दूर-दराज की ग्राम पंचायतों को एक-दूसरे से जोड़कर उनके प्राकृतिक भौगोलिक स्वरूप को खंडित किया गया है, जिससे ग्रामीणों को प्रशासनिक व विकास कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा आघात है। कांग्रेस ने मांग की कि परिसीमन की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए और ग्राम सभाओं की राय के आधार पर पुनः पारदर्शी ढंग से वार्डों का गठन किया जाए।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो जिलेभर में आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में मदनगोपाल मेघवाल, मोडाराम मेघवाल, डॉ. राजेन्द्र मूंड, शिवलाल गोदारा, भंवर कूकणा, प्रहलाद सिंह मार्शल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।