बीकानेर। राजस्थान बॉडी बिल्डिंग संघ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पूर्व अध्यक्ष नवीन यादव पर संघ की मान्यता समाप्त होने के बावजूद अवैध रूप से गतिविधियां संचालित करने और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। इस संबंध में जिला बाडी बिल्डिंग संघ के अध्यक्ष अरुण व्यास ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि राज्य क्रीड़ा परिषद ने वर्ष 2016 में ही संघ की मान्यता समाप्त कर दी थी। इसके बावजूद संघ के नाम पर लगातार काम किया जाता रहा, जिससे खिलाड़ियों को मिलने वाले दैनिक व यात्रा भत्ते सहित अन्य सुविधाएं बंद हो गईं। आरोप है कि लंबे समय से खिलाड़ी इन लाभों से वंचित हैं।वहीं सहकारिता विभाग की जांच के बाद गठित एडहॉक कमेटी के बावजूद गतिविधियां जारी रखने का भी आरोप है। कहा गया है कि समिति के काम में बाधा डालकर स्वयं को पदाधिकारी बताकर खिलाड़ियों व जिला संघों को गुमराह किया गया।ज्ञापन में प्रतियोगिताओं के नाम पर खिलाड़ियों से भारी फीस वसूली का मुद्दा भी उठाया गया है। जयपुर, कोटा सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित प्रतियोगिताओं में लाखों रुपये वसूले जाने का आरोप है। बीकानेर में प्रस्तावित प्रतियोगिता के लिए भी प्रति खिलाड़ी 3000 रुपये तक शुल्क लेने की बात कही गई है।इसके अलावा वर्ष 2020 के चुनाव में कथित फर्जी हस्ताक्षर करने और कुछ खिलाड़ियों के भत्ते की राशि हड़पने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में खेल मंत्री, राज्य क्रीड़ा परिषद और सहकारिता विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है, ताकि खिलाड़ियों को उनका हक मिल सके।