बीकानेर। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मनमानी पर अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। किताबों और यूनिफॉर्म के नाम पर अभिभावकों से की जा रही मनमानी वसूली पर रोक लगाने के लिए प्रदेशभर में बड़ा जांच अभियान शुरू किया गया है।शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए 15 अप्रैल से पहले निजी स्कूलों का अनिवार्य निरीक्षण करने को कहा है। इस अभियान के तहत यह जांच की जाएगी कि स्कूल निर्धारित नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
- निदेशक सीताराम जाट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ब्लॉक स्तर पर सीबीईओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा, जो स्कूलों में जाकर मौके पर जांच करेगी। कमेटी 2019 और 2024 में जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर स्कूलों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करेगी।जांच के दौरान यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। साथ ही ऐसे सभी स्कूलों की जानकारी 20 अप्रैल तक शिक्षा निदेशालय को भेजनी अनिवार्य होगी।इस कार्रवाई से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि लंबे समय से निजी स्कूलों पर मनमानी फीस और अनावश्यक खरीददारी का दबाव बनाने के आरोप लगते रहे हैं।