बीकानेर। जिले के नोखा उपखंड के ग्राम माड़िया स्थित GSSS स्कूल से सामने आया एक वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो ने परीक्षा व्यवस्था की हकीकत को ऐसे उजागर किया है कि देखने वाले भी हैरान रह जाएं। यहां परीक्षा कक्ष में न शिक्षक नजर आए, न निगरानी और छात्र पूरे आत्मविश्वास के साथ नकल में जुटे दिखे। दृश्य कुछ ऐसा था मानो परीक्षा नहीं, बल्कि नकल का प्रैक्टिकल सेशन चल रहा हो। कोई किताब देख रहा है, तो कोई पर्चियों का सहारा ले रहा है,और ये सब बिना किसी रोक-टोक के। ऐसा लग रहा था जैसे नियमों ने भी उस दिन छुट्टी ले रखी हो।विडंबना यह है कि जहां शिक्षा का उद्देश्य ईमानदारी और ज्ञान को बढ़ावा देना है, वहीं इस तरह के हालात शॉर्टकट संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं। मेहनत करने वाले छात्र जहां पसीना बहा रहे हैं, वहीं कुछ छात्र जुगाड़ के दम पर आगे बढ़ने की तैयारी में हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग पर सवालों की बौछार शुरू हो गई है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि जिम्मेदार अधिकारी इस नकल महोत्सव पर लगाम लगाते हैं या फिर यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।