बीकानेर। राजस्थान विधानसभा में पेश बजट पर कांग्रेस नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भजनलाल सरकार द्वारा तीसरा बजट‘नीरस, दिशाहीन और जनता को गुमराह करने वाला’बताते हुए इस बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
*जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, बीकानेर फिर उपेक्षित- यशपाल गहलोत*
आज प्रस्तुत राजस्थान बजट पूरी तरह से निराशाजनक और जनविरोधी साबित हुआ है। आम जनता, किसान, युवा, व्यापारी और मध्यम वर्ग जिस राहत और ठोस योजनाओं की उम्मीद कर रहे थे, वह इस बजट में कहीं नजर नहीं आई। बेरोजगारी, महंगाई और विकास के मुद्दों पर सरकार ने केवल औपचारिक घोषणाएँ की हैं, जमीनी स्तर पर कोई स्पष्ट रोडमैप दिखाई नहीं देता।यदि पिछली कांग्रेस सरकार के बजट की तुलना की जाए तो उस समय प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए ठोस विकास कार्यों और नई योजनाओं की घोषणा की गई थी। लेकिन वर्तमान बजट में न तो कोई बड़ी नई योजना है और न ही युवाओं के लिए रोजगार सृजन का स्पष्ट प्रावधान।सबसे चिंताजनक विषय बीकानेर जिले की अनदेखी है। बीकानेर पूर्व और पश्चिम दोनों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के विधायक होने के बावजूद इस बजट में बीकानेर को कोई विशेष सौगात नहीं मिली। न कोई बड़ा प्रोजेक्ट, न कोई उद्योग, न कोई शिक्षा या स्वास्थ्य क्षेत्र की नई योजना — यह स्थिति गंभीर सवाल खड़े करती है।
बीकानेर की जनता यह जानना चाहती है कि जब दोनों विधायक सत्ताधारी दल से हैं, तो फिर जिले को बजट में प्राथमिकता क्यों नहीं मिली? क्या बीकानेर की आवाज सरकार तक नहीं पहुंची, या फिर जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे?यह बजट प्रदेश के विकास की दिशा में कमजोर कदम है और बीकानेर की उपेक्षा का एक और उदाहरण। जनता आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।
*कांग्रेस के प्रवक्ता नितिन वत्सत* ने राजस्थान की भाजपा सरकार की वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा आज पेश किए गए बजट में स्थायित्व और मजबूती का अभाव बताते हुए कहा कि पुरानी घोषणाओं को धरातल पर उतारा ही नहीं और नई घोषणाएं के लिए कोई ठोस कार्य योजना ना होना ये साबित करता है कि बजट बनाते वक्त शायरियों पर कार्य किया ना कि उसकी गंभीरता पर
बढ़ते अपराध खासतौर से महिला सुरक्षा पर कोई प्रावधान नहीं होना यह साबित करता है कि महिलाओं की सुरक्षा भाजपा की महती जिम्मेदारी नहीं है गलियों में स्ट्रीट लाइट लगाने की घोषणा और तय लाइटें राजस्थान के विस्तारित क्षेत्रों को देखते हुए ऊंट के मुंह में जीरा बराबर है राजस्थान के बीकानेर जोधपुर जालौर सांचौर बालोतरा जिलों के लिए 750 करोड़ की घोषणा हुई जिसमें बीकानेर के देशनोक को शुद्ध पानी पीने का मिले इस पर कार्य किया जायेगा ना कि देशनोक को 750 करोड़ मिले है, वहीं दूसरी और 15 नए ओवरब्रिज और उतने ही अंडर ब्रिज की घोषणा करने से पहले यह तो बता देते कोटगेट सांखला फाटक का 2023 का बजट और स्वीकृत कार्य कब शुरू होंगे इसके साथ ही बीकानेर को कुछ ना देने की भाजपा ने सौगंध खा रखी है बीकानेर फिर से ठगा गया है। कांग्रेस के जादूगर की बराबरी आप कर ही नहीं सकती दिया कुमारी जी उसकी छड़ी सबको उनकी मांग से, आशा और विश्वास से भी ज्यादा देती है जो कि उनको मिलता है आपकी तरह सिर्फ घोषणाएं नहीं होती।कुलमिलाकर बजट प्रभावहीन और उदासी भरा मजबूरी वाला बजट है।
*राज्य बजट 2026-27: ऊँची दुकान, फीका पकवान:आरिफ*
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव जिया उर रहमान आरिफ ने राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत राज्य बजट 2026-27 को निराशाजनक करार देते हुए कहा है कि यह बजट आम जनता के लिए “ऊँची दुकान, फीका पकवान” साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकास का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि आंकड़ों का मायाजाल है, जिसमें ज़मीनी सच्चाई से कोई सरोकार नहीं है।आरिफ ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी ही घोषणाओं को ज़मीन पर उतारने में पूरी तरह विफल रही है। पिछले दो वर्षों में की गई अधिकांश घोषणाएं आज भी काग़ज़ों में ही सिमटी हुई हैं। यह स्थिति सरकार की कार्यशैली, नीयत और प्रतिबद्धता—तीनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।उन्होंने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार का कोई स्पष्ट और ठोस रोडमैप नहीं है। स्थायी नौकरियों और नियमित भर्तियों की घोषणा करने के बजाय केवल संविदा आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देना युवाओं के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। यह बजट न तो युवाओं को सुरक्षा देता है और न ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कोई ठोस दिशा दिखाता है।आरिफ ने कहा कि बजट में बीकानेर के विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कोई ठोस और प्रभावी घोषणा नहीं की गई, जिससे जनता में गहरी निराशा है।
*शहर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता विकास तंवर* ने
बताया कि बजट में केवल आंकड़ों और शब्दों की बाजीगरी की गई है
इस बजट में बीकानेर जिले की अनदेखी नहीं, बल्कि बीकानेर की जनता के साथ अन्याय है।जब सरकार भी आपकी और विधायक भी आपके, तो फिर बीकानेर के हिस्से में खाली हाथ क्यों? क्या हमारे जनप्रतिनिधि सरकार के सामने अपनी बात रखने में असफल रहे? या फिर बीकानेर को जानबूझकर हाशिए पर रखा गया?पिछली कांग्रेस सरकार के समय क्षेत्रीय संतुलन और विकास की स्पष्ट झलक बजट में दिखाई देती थी, लेकिन वर्तमान बजट में बीकानेर के लिए शून्य उपलब्धि शर्मनाक है।
बीकानेर की जनता अब चुप नहीं रहेगी।जवाबदेही तय होगी और जवाब माँगा जाएगा।