बीकानेर। खेजड़ी बचाने को लेकर चल रहे आंदोलन के तहत शनिवार को लगातार छठे दिन भी बिश्नोई धर्मशाला के सामने महापड़ाव जारी रहा। सुबह से मंच पर भजन-कीर्तन चलता रहा और बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी व बिश्नोई समाज के लोग क्रमिक अनशन पर बैठे रहे।
इस दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने पैदल कूच कर महापड़ाव स्थल पहुंचकर आंदोलनकारियों को संबोधित किया। कांग्रेस की ओर से भी आंदोलन के समर्थन में रतन बिहारी पार्क से कलेक्टरी परिसर तक रैली निकाली गई। डॉ. कल्ला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह आंदोलन केवल खेजड़ी बचाने का नहीं, बल्कि प्राणी मात्र की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है।उन्होंने कहा कि सरकार को इस आंदोलन को गंभीरता से लेना चाहिए और खेजड़ी के संरक्षण के लिए सख्त नीति बनानी चाहिए।
डॉ. कल्ला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह संघर्ष केवल एक समाज का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि खेजड़ी राजस्थान की पहचान है और इसे काटने या नुकसान पहुंचाने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि मांगें पूरी होने तक महापड़ाव और अनशन जारी रहेगा।