बीकानेर।शहर के सबसे व्यस्त मार्ग कोटगेट स्थित सट्टा बाजार और सांखला फाटक क्षेत्र में जाम हुआ नाला एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली की पोल खोल रहा है। सुबह से चोक हुआ नाला उफनकर सड़क पर बहने लगा, जिससे राहगीरों और दुकानदारों के लिए आफत खड़ी हो गई। गंदा पानी सड़कों पर फैलने से हर कुछ देर में जाम की स्थिति बन रही है और लोगों को बदबू व गंदगी के बीच निकलने को मजबूर होना पड़ रहा है।स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम हर साल नाले की सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन हकीकत यह है कि सफाई सिर्फ कागजों में होती है, ज़मीन पर नहीं। नतीजा वही नाला, वही गंदगी और हर बार वही परेशानी।
क्षेत्र में गंदे पानी से सड़क पर तालाब बन गया है। दुकानों के सामने पानी भरने से ग्राहकों का आना-जाना बंद हो गया है, जिससे व्यापार को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बदबू इतनी तेज है कि आसपास खड़ा होना भी मुश्किल हो गया है।स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि नाले की निकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। निरंतर सफाई न होने के कारण हर तीसरे दिन नाला गंदगी से भरकर चोक हो जाता है और ओवरफ्लो होकर सड़क पर फैल जाता है। कई बार शिकायतें देने के बावजूद न तो कोई अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने पहुंचता है और न ही कोई जनप्रतिनिधि समाधान की सुध लेता है।व्यापारियों ने बताया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कई योजनाएं बनाई गईं, लेकिन वे सिर्फ फाइलों में सिमटकर रह गईं।अब हालात ऐसे हैं कि शहर की प्रमुख सड़क पर बहता यह नाला केवल गंदे पानी की समस्या नहीं, बल्कि नगर निगम की लापरवाही और खोखली सफाई व्यवस्था का जीता-जागता प्रमाण बन चुका है। क्षेत्रवासियों का साफ कहना है कि अगर जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।