बीकानेर। शहर विकास के दावों और स्मार्ट सिटी के सपनों के उलट बीकानेर के वार्ड नंबर 71 से एक ऐसा दृश्य सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते एक महीने से चल रहे नाले के निर्माण कार्य ने इस इलाके के लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब घर से निकलना भी किसी चुनौती से कम नहीं। चौखूंटी और सुभाष मार्ग क्षेत्र में नाले के निर्माण की धीमी रफ्तार और अव्यवस्थित कार्यप्रणाली के कारण सड़कें गंदे पानी और कीचड़ में तब्दील हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए घर से बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है। वाहन फंस रहे हैं, पैदल चलना मुश्किल है और संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है।स्थिति की भयावहता तब सामने आई जब बीते दिन एक अंतिम यात्रा को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ दिख रहा है कि परिजन और रिश्तेदार शवयात्रा को सम्मानपूर्वक अंतिम स्थल तक ले जाने के लिए कीचड़ और गंदे पानी से जूझते नजर आए।यह दृश्य केवल अव्यवस्था नहीं, बल्कि मानव गरिमा पर सीधा आघात माना जा रहा है।इस पूरे मामले को लेकर वार्ड पार्षद प्रफुल्ल हटीला ने निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वे लगातार नगर निगम आयुक्त को स्थिति से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।लोगों में रोष है कि शिकायतें सिर्फ फाइलों में घूम रही हैं, समाधान सड़कों पर नजर नहीं आ रहा।गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में लगभग हर जाति के श्मशान स्थल स्थित हैं। वर्तमान हालात में वहां तक पहुंचना भी कठिन हो गया है। अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य के लिए भी लोगों को गंदे पानी और टूटे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है।