

बीकानेर। बीकानेर केंद्रीय कारागार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर ताबड़तोड़ वायरल हो गया है। यह वीडियो किसी आम जगह का नहीं बल्कि जेल की चारदीवारी के भीतर का है, जहां मोबाइल तक ले जाना सख्त मना है।वायरल वीडियो में हत्या के मामले में सजा काट रहा कैदी राममेहर जेल के दर्शन करवा रहा है। वीडियो सामने आते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में बीछवाल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
कौन है वीडियो में नजर आने वाला कैदी?
जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि वीडियो में जो शख्स दिख रहा है, वह हत्या के आरोप में जेल की सजा काट रहा बंदी राममेहर उर्फ धोलू जाट है, जो हांसी की पुरिया ढाणी का रहने वाला है। आरोपी वर्ष 2015 में हत्या के मामले में चूरू जेल में बंद हुआ था।29 नवंबर 2018 से 9 जनवरी 2020 तक बीकानेर केंद्रीय कारागार में रहा। धोलू जाट जमानत पर छूटने के बाद गंगानगर और चित्तौड़गढ़ जेलों में भी रहा।
*अब किसी भी जेल में निरुद्ध नहीं।*
यानी जिस बंदी ने जेल में बैठकर वीडियो बनाया था, वह अब जेल से बाहर है और वीडियो 24 अगस्त 2025 को किसी ने अपलोड कर दिया।
*जेल सुरक्षा पर बड़े सवाल*
जेल के भीतर मोबाइल का मिलना और फिर उससे वीडियो बनाकर बाहर आना सुरक्षा व्यवस्था पर सीधे-सीधे सवाल खड़े कर रहा है। यह सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि जेल सुरक्षा में बड़ा छेद है।
जेल अधीक्षक सुमन मालीवाल ने माना कि वीडियो 2020 का है और यह कानूनन अपराध है। लेकिन सवाल यह है कि जब जेल के भीतर मोबाइल की एक झलक तक नहीं जानी चाहिए, तो आखिर यह मोबाइल अंदर आया कैसे और वहां किसकी मिलीभगत थी? वीडियो भले ही पुराना हो, लेकिन वायरल होते ही इसने जेल प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सवाल यह भी है कि उस दौर में ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी और प्रहरी कहां थे? अगर 2020 में यह मोबाइल अंदर गया, तो क्या गारंटी है कि आज भी जेलें मोबाइल-मुक्त हैं?
सोशल मीडिया पर लोग अब यही कह रहे हैं कि अगर जेल की चारदीवारी के भीतर से वीडियो बाहर आ सकता है, तो फिर कैदियों तक और क्या-क्या पहुंचता होगा?